
खण्डवा को इसरो की बड़ी सौगात

विद्याकुंज में 28 -29 मार्च को इसरो की दो दिवसीय कार्यशाला एवं स्पेस साईंस प्रदर्शनी भी
स्पेस साईंस को नजदीक से समझने का मिलेगा खण्डवा को मौका , इसरो के वैज्ञानिक करेंगे जिज्ञासा का समाधान
खंडवा। देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थान इसरो के साथ विद्याकुंज इंटरनेशनल स्कूल एक नई उड़ान भरने जा रहा है जो खण्डवा के शैक्षणिक क्षेत्र के लिए इस वर्ष की सबसे बड़ी सौगात होगी । खण्डवा के सभी स्कूलों के विद्यार्थियों को इसरो के सीनियर साईंटिस्ट के साथ स्पेस साईंस के आधारभूत सिद्धांतों समझने का , उनसे चर्चा करने का एक बड़ा अवसर मिलेगा। समाजसेवी सुनील जैन ने विद्या कुंज स्कूल परिवार को अग्रिम शुभकामना देते हुए बताया कि पूरे शहरवासियो को इसरो की कार्यशाला एवं स्पेस साईन्स की प्रदर्शनी देखने का भी पहली बार मौका मिलेगा जिसमे चंद्रयान , मार्स ऑर्बिटर मिशन , सैटेलाइट के वर्किंग मॉडल्स के साथ ही रॉकेट एवं लॉन्च व्हीकल्स के मॉडल्स देखने का अवसर मिलेगा। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य ही स्टूडेंट्स और नागरिको में स्पेस साइंस एवं टेक्नोलॉजी को लेकर जागरूकता लाना है।
विद्याकुंज इंटरनेशनल स्कूल के डायरेक्टर जय नागड़ा ने जानकारी देते हुए बताया कि समूचे निमाड़ अंचल में यह पहली बार है कि इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइज़ेशन (ISRO) किसी शैक्षणिक संस्थान के साथ मिलकर सीधे विज्ञान के स्टूडेंस से रूबरू होगा, उनसे संवाद करेगा। 28 और 29 मार्च 2026 को दो दिवसीय कार्यशाला एवं प्रदर्शनी का आयोजन विद्याकुंज परिसर में किया जा रहा है। इसका लाभ न सिर्फ विद्याकुंज के स्टूडेंट्स को बल्कि जिले के तमाम स्कूल और कॉलेज स्टूडेंट्स को भी मिलेगा। इसमें निजी के साथ ही शासकीय शालाओ के स्टूडेंट्स भी हिस्सेदारी कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें सिर्फ अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इसके साथ ही दो दिवसीय प्रदर्शनी भी स्पेस साईंस पर केंद्रित होगी जिसका लाभ पूरे शहरवासियों को मिलेगा। इस निःशुल्क प्रदर्शनी में इसरो की बड़ी उपलब्धियां तो होंगी ही बहुत से वर्किंग मॉडल्स भी देखने को मिलेंगे जिसमे सेटेलाईट , रॉकेट , लॉन्च व्हीकल्स के साथ ही फ़्लाईट कम्पोनेंट भी होंगे।
शहर के सभी स्टूडेंट्स के लिए इसरो की वर्कशॉप
विद्याकुंज की एकेडेमिक डायरेक्टर श्रीमती यामिनी नागड़ा ने बताया कि स्टूडेंट्स के लिए दो दिन में अलग अलग सेशन्स होंगे जो इसरो के शीर्षस्थ वैज्ञानिको की बहुत अनुभवी टीम लेंगी। स्पेस साईंस के साथ ही विज्ञान के आधारभूत सिद्धांतो को वर्किंग मॉडल्स से समझने का मौका मिलेगा। इस वर्कशॉप में बहुत सारी एक्टिविट्स भी होंगी जिससे विज्ञान के प्रयोग कर स्टूडेंट्स खुद अनुभव से सीखेंगे। टेलिस्कोप मेकिंग के माध्यम से ऑप्टिक्स के बेसिक प्रिंसिपल समझ सकेंगे वहीँ रॉकेट मॉडल मेकिंग से विज्ञान का कई नियमो को समझना आसान होगा ,न्यूटन के गति के तीनो नियमो के साथ ही गुरुत्वाकर्षण बल , फ्लूइड डायनॉमिक्स , ऐरोडायनॉमिक्स के साथ ही थर्मो डायनॉमिक्स समझा जा सकता है ,यह सीबीएसई के पाठ्यक्रम का अहम् विषय भी है। इसके साथ ही यहाँ स्टूडेंट्स टेलिस्कोप से स्काय गेजिंग भी करेंगे , इसरो के वैज्ञानिक उनका मार्गदर्शन करेंगे।
चयनित 20 वालेंटियर्स को इसरो की खास ट्रेनिंग
श्रीमती नागड़ा ने बताया कि इसका सबसे ज़्यादा लाभ उन चयनित 20 वॉलेंटियर्स को मिलेगा जिन्हे इसरो के वैज्ञानिक एक दिन पहले पूरी ट्रेनिंग देंगे जो प्रदर्शनी में आने वालो को न केवल गाईड करेंगे बल्कि विषय के बारे में विस्तार से समझायेंगे भी। इन 20 वालेंटियर्स का चयन एक ऑन लाईन क्विज़ कॉम्पिटशन से मेरिट बेसिस पर होगा जो विद्याकुंज द्वारा आयोजित की जाएगी। इस वर्कशॉप में शामिल होने वाले स्टूडेंट्स को इसरो की तरफ से सर्टिफिकेट भी मिलेंगे।
पूरा शहर भागीदारी करे
विद्याकुंज के डायरेक्टर नवनीत जैन एवं नवीश जैन ने खण्डवा के स्टूडेंट्स और पेरेंट्स से इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में अधिकाधिक हिस्सेदारी का अनुरोध किया है। यह वाक़ई में शहर के लिए बड़ी उपलब्धि है कि इसरो जैसा शीर्ष संस्थान खण्डवा को यह मौका दे रहा है। देश के इतने शीर्ष वैज्ञानिको का पहली बार खण्डवा में इतना बड़ा जमावड़ा होगा जिनसे मिलकर अंतरिक्ष विज्ञान को लेकर लोग सवाल जवाब भी कर सकते है ,अपनी जिज्ञासाओं का समाधान भी। इससे खण्डवा के स्टूडेंट्स के कॅरियर को भी एक नई दिशा मिलेगी और उनके सपनो को पंख।













